B.Sc.(Hons) Agriculture 3rd year 1st semester SKRAU
B.Sc. (Hons) Ag. III year I-Semester Click here for B.Sc. (Hons) Ag. III year I-Semester syllabus PPATH-311 Epidemiology & …
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PPATH-211 Diseases of Field and Horticultural Crops and their Management-I PPATH-211 Diseases of Field and Horticultural Crops and their Management-I …
प्रजनन और विकास परिवर्धनीय जीव विज्ञान – – इसमें सजीवों के सम्पूर्ण परिवर्धन का अध्ययन किया जाता है। परिवर्धन मृत्यु …
आवृतबीजी पादपों की आकारिकी एवं शारीरिकी पादप आकारिकी:- – पौधों के विभिन्न भागों (जड़, तना, पत्ती, फल, फूल आदि) की बाह्य संरचना का अध्ययन पादप आकारिकी में करते हैं। – विल्हेम हॉफमिंस्टर:- पादप आकारिकी के जनक। – पादपों के विभिन्न भागों में वातावरण के साथ अधिकतम अनुकूलन दर्शाने हेतु कई रूपांतरण पाए जाते हैं, इनका अध्ययन भी आकारिकी में ही करते हैं। I. …
प्रजनन प्रणाली – जीवों में सन्तान उत्पन्न करने की प्रक्रिया को जनन कहते हैं। मनुष्य में लैंगिक जनन पाया जाता …
जन्तुओं में परिसंचरण रक्त (Blood) रक्त का अध्ययन à Haematology रक्त निर्माण की क्रिया à Haemopoiesis (लाल अरिथमज्जा में) – रक्त एक लाल रंग का …
जंतुओं में श्वसन – सजीवों के शरीर में होने वाली समस्त जैविक क्रियाओं के संचालन हेतु ऊर्जा की आवश्यकता होती …
जंतुओं में पोषण पोषण– जीवों में पोषक पदार्थों को प्राप्त करना ही पोषण कहलाता है। पोषण जीवों को ऊर्जा प्रदान करने, शारीरिक वृद्धि एवं विकास में, रोगों से सुरक्षा में, शारीरिक मरम्मत में तथा उपापचयी क्रियाओं में सहायक है। पोषण की विधि के आधार पर जीव दो प्रकार के होते हैं- (1) स्वपोषी (2) विषमपोषी स्वपोषी:- – ऐसे जीव, जो अपना भोजन स्वयं ही संश्लेषित करते हैं,जिसे स्वपोषी कहते है। – हरे पेड-पौधे, प्रकाश संश्लेषी जीवाणु, रसायन संश्लेषी जीवाणु, …