जयपुर आमेर का महल ● आमेर की मावठा झील के पास की पहाड़ी पर स्थित महल, जिसे कच्छवाहा नरेश मानसिंह प्रथम द्वारा 1592 ई. में बनाया गया था। ● यह महल हिन्दू-मुस्लिम स्थापत्य शैली का समन्वित रूप है। ● महल के मुख्य प्रवेश द्वार में प्रवेश करते ही राजपूत-मुगल शैली पर बना ‘दीवान-ए-आम’ है जो चारों ओर से लाल पत्थरों के खम्भों की दोहरी पंक्तियों से युक्त बरामदों से घिरा हैं। ● इस विशाल द्वार को फर्ग्यूसन ने संसार का सर्वोत्कृष्ट प्रवेश द्वार बताया है। शीशमहल ● निर्माता – मिर्जा राजा जयसिंह। ● अन्य नाम – ‘दीवाने खास’, ‘जयमन्दिर’। ● यह भीतरी दीवारों पर शीशे की जड़ाई के सुन्दर व बारीक काम के कारण यह ‘शीशमहल’ के नाम से प्रसिद्ध है। ● यह भवन दो मंजिला है भूतल पर बना जयमंदिर कहलाता है तथा प्रथम मंजिल पर बने भवन को जसमंदिर कहा जाता है। […]